सिंगापुर। भारत ने निर्यात करने के लिए मिसाइलों की पहली खेप तैयार कर ली है। दक्षिण-पूर्व एशियाई और खाड़ी देशों की दिलचस्पी को देखते हुए इसी साल पहली खेप निर्यात की जा सकती है। ब्रह्माोस एयरोस्पेस के चीफ जनरल मैनेजर कोमोडोर एसके अय्यर ने सिंगापुर में IMDEX एशिया 2019 प्रदर्शनी के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले अनुबंध पर सरकारों के बीच मंजूरी का इंतजार है।

उन्होंने बताया, 'कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देश भारत से मिसाइल खरीदने को तैयार हैं। यह हमारी ओर से पहला मिसाइल निर्यात होगा। खाड़ी देशों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है।' भारतीय रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के पास दक्षिण-पूर्व एशियाई और खाड़ी देशों में निर्यात के अच्छे अवसर हैं। धीमे आर्थिक विकास की वजह से इन देशों पर सस्ते और भरोसेमंद समाधान तलाश करने का दबाव है। ऐसे में भारत बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रहा है।

IMDEX प्रदर्शनी के दौरान भारत-रूस की संयुक्त उद्यम ब्रह्माोस और लार्सन एंड टूब्रो की रक्षा इकाई एल एंड टी डिफेंस ने रक्षा उपकरणों की विस्तृत रेंज प्रस्तुत की।

14 मई से शुरू हुई इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में दुनियाभर की 236 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। बाजार की बदलती परिस्थितियों में उद्योग जगत से जुड़े एनालिस्ट्स का मानना है कि पश्चिम व दक्षिण-पूर्व एशियाई और दक्षिण अमेरिकी देश सस्ते और भरोसेमंद विकल्प तलाश रहे हैं।

कुछ छोटे देश अपने पास उपलब्ध उपकरणों को ही नई टेक्नोलॉजी से उन्नत करना चाहते हैं। इन हालात में भारतीय रक्षा उपकरण कंपनियों के पास बेहतर मौका है।