नई दिल्ली/न्‍यूयॉर्क। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने भारतीय महिला राजनयिक देवयानी खोबरागडे पर फिर से वीजा धोखाधड़ी के आरोप तय कर दिए हैं। साथ ही गिरफ्तारी के लिए वारंट भी जारी कर दिया है।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही न्यूयॉर्क की जिला अदालत ने राजनयिक विशेषाधिकारों के मद्देनजर खोबरागडे के खिलाफ वीजा धोखाधड़ी का मामला खत्म कर दिया था। अमेरिकी विदेश विभाग ने अदालत के इस फैसले पर हैरानी जताकर मामले को फिर शुरू करने की आशंकाएं बरकरार रखी थीं।

अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता जेन साकी ने गुरुवार को कहा था, हम भारतीय वाणिज्यिक दूतावास की उप-प्रमुख के खिलाफ आरोप खारिज किए जाने से हैरान हैं। ओबामा प्रशासन की इस प्रतिक्रिया से चौंके भारतीय खेमे ने मामले को तूल देने से बचने की कोशिश की थी।

भारतीय खेमे ने उम्मीद जताई थी कि देवयानी मामले में नए सिरे से आरोपपत्र दाखिल कर अमेरिका सरकार मामले को अदावती रंग नहीं देना चाहेगी। लेकिन, शुक्रवार को केंद्रीय अभियोजकों ने मैनहटन फेडरल कोर्ट में देवयानी के खिलाफ फिर वीजा धोखाधड़ी और नौकरानी के वीजा आवेदन में गलत बयानी के आरोप लगाए।

अभियोजकों से सहमति जताते हुए कोर्ट ने देवयानी पर आरोप तय कर दिए। ताजा आरोपपत्र में कहा गया है कि देवयानी भलीभांति जानती थीं कि उनके और उनकी नौकरानी के बीच हुआ करारनामा अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन है। इन आरोपों के तहत दोषी ठहराए जाने पर देवयानी को 15 साल तक की सजा हो सकती है।

इससे पहले गत 12 मार्च को न्यूयॉर्क की अदालत ने आरोपपत्र को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि देवयानी को उस समय राजनयिक विशेषाधिकार हासिल था। अदालत ने हालांकि अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि अभियोजन चाहे तो नया आरोपपत्र दाखिल कर सकता है।

देवयानी पर कम वेतन देने का आरोप लगाने वाली घरेलू नौकरानी संगीता रिचर्ड के आरोपों का प्रतिनिधित्व कर रहे अटार्नी प्रीत भरारा की प्रवक्ता ने कहा भी था कि हम ताजा अदालती फैसले के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।

वीजा धोखाधड़ी मामले में देवयानी को बीते साल 12 दिसंबर को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया था जब वह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने गई थीं। हिरासत में उनकी जामातलाशी भी ली गई थी। मामले पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद के बाद भारत ने देवयानी को वापस बुला लिया था।

भारत ने जताई नाराजगी

अमेरिका में राजनयिक रहीं देवयानी खोबरागडे के खिलाफ दोबारा अभियोग लगाने पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उसने कहा कि यह अनावश्यक कदम था। इसका असर भारत-अमेरिका द्वारा किए जा रहे अनुकूल प्रयासों पर पड़ेगा। साथ ही स्पष्ट किया कि यह मामला भारत के लिए कोई मायने नहीं रखता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, अब खोबरागडे स्वदेश लौट आई हैं।

यहां पर उनके खिलाफ अमेरिकी कानून के तहत कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। हम बेहद निराश हैं कि अमेरिकी न्याय विभाग से संबंधित कार्यालय ने खोबरागडे के खिलाफ दूसरा अभियोग लगाया जबकि पहले अभियोग और गिरफ्तारी वारंट को इस हफ्ते की शुरुआत में खारिज कर दिया गया था।