काठमांडू। दुनिया की पांचवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मकालू से उतरते वक्त भारतीय पर्वतारोही की मौत हो गई, इस पर्वतारोही की पहचान नारायण सिंह के तौर पर हुई है। गौरतलब है कि नेपाल में हर साल मार्च से जून के बीच दुनियाभर से सैकड़ों पर्वतारोही माउंट एवरेस्ट और अन्य चोटियों की चढ़ाई के लिए आते हैं। चढ़ाई के दौरान अत्यधिक ठंड सहन नहीं कर पाने के कारण कइयों की मौत भी हो जाती है।

यहां कई पर्वतारोही काल के ग्रास बन चुके हैं। दूसरी ओर यह जानकारी भी सामने आई है कि दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा की चढ़ाई कर रहा चिली का एक पर्वतारोही भी बुधवार से लापता है। गौरतलब है कि माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान अब तक करीब 296 लोगों की मौत हो चुकी है। नारायण सिंह की मृत्यु के दो दिन पहले, दो भारतीय पहले ही मारे जा चुके हैं।

8,485 मीटर ऊंची मकालू चोटी से वापस लौटते समय नारायण सिंह ने दम तोड़ दिया। दुर्गम पहाड़ों के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली। अब इन पहाड़ियों से उनकी हिम्मत और जिंदादिली की कहानियां गूंज रही हैं। नेपाल और तिब्बत की सीमा के बीच माउंट एवरेस्ट से 19 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में यह चोटी मौजूद है।

नेपाल के पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि नारायण सिंह गुरुवार रात मकालू से उतर रहे थे। इसी दौरान कैंप- 4 में उनकी मौत हो गई। इससे पहले बुधवार शाम को माउंट कंचनजंगा (8,586 मीटर) की चढ़ाई के दौरान दो भारतीयों बिप्लब बैद्य (48) और कुंतल करार (46) की मौत हो गई थी। दोनों पश्चिम बंगाल से थे।