वॉशिंगटन। आईआईटी कानपुर से बीटेक करने वाले भारतीय मूल के राकेश जैन को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रतिष्ठित नेशनल मेडल ऑफ साइंस अवॉर्ड से सम्मानित करेंगे। उन्हें यह सम्मान ट्यूमर बायोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 19 मई को दिया जाएगा।

वर्ष 1972 में केमिकल इंजीनियरिग करने वाले राकेश जैन हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में ट्यूमर बायोलॉजी के प्रोफेसर हैं। पहले पुरस्कार समारोह 22 जनवरी को आयोजित होना था, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते कार्यक्रम की तिथि आगे बढ़ा दी गई।

मेडल ऑफ साइंस विज्ञान, इंजीनियरिग और गणित के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वालों हो हर साल दिया जाता है। जैन ने ट्यूमर की धमनियों पर शोध किया है। इस शोध से कीमोथेरेपी एवं रेडिएशन को ज्यादा प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। अवॉर्ड की स्थापना 1959 में विशेष कानून के तहत की गई थी।

भारतीय किशोर को इंटेल यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड

भारतीय मूल के अमेरिकी किशोर श्यामांतक पायरा को इस साल इंटेल यंग साइंटिस्ट अवार्ड दिया गया है। उनके साथ कैथी लिउ को सम्मानित किया गया। इन्हें अवार्ड कम कीमत के इलेक्ट्रॉनिक नी ब्रेस (घुटनों को मजबूती देने वाला यंत्र) विकसित करने के लिए दिया गया। श्यामांतक (15) और कैथी (17) को इंटेल कॉरपोरेशन और द सोसाइटी फॉर साइंस एंड द पब्लिक (एसएसपी) की ओर से पचास हजार डॉलर (33.38 लाख रुपये) नकद का पुरस्कार दिया गया।

दोनों को एरिजोना में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। टेक्सास निवासी श्यामांतक ने इस नए यंत्र का दो पोलियो पीड़ितों पर सफल परीक्षण किया था। यंत्र के इस्तेमाल से दोनों बेहतर तरीके से चलने लगे थे। बेस्ट ऑफ कैटेगरी में भारतीय मूल के पांच युवा वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया।