तेहरान। ईरान ने दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ किए गए परमाणु समझौते में किसी भी तरह के बदलाव को खारिज किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समझौते को कायम रखने के लिए नए सख्त कदम की मांग के बाद ईरान की प्रतिक्रिया आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि हम इस समझौते में अभी या भविष्य में कोई बदलाव स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही इसमें अन्य मुद्दों को जोड़ने नहीं देंगे।

गौरतलब है कि ट्रंप ने शुक्रवार को परमाणु से जुड़े प्रतिबंधों को हटाया। समझौते में बने रहने के लिए कुछ महीने के अंतराल पर ऐसा करना होता है। लेकिन ट्रंप ने यूरोपीय साझेदारों से समझौते की विनाशकारी खामियों को दूर करने के लिए अमेरिका के साथ काम करने या संयुक्त राष्ट्र से इन्हें वापस लेने की मांग की।

उन्होंने कहा कि नए समझौते में ईरान के परमाणु संयंत्रों पर स्थायी रोक लगे और उसके मिसाइल कार्यक्रम पर नियंत्रण लगाया जाए। लेकिन ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जावेद जरीफ ने कहा कि 2015 के परमाणु समझौते पर फिर बातचीत नहीं हो सकती। बल्कि अमेरिका को समझौते का पूरी पालन करना चाहिए।

नए प्रतिबंधों की निंदा

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा 14 व्यक्तियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाने की निंदा की। खासकर न्यायपालिका प्रमुख अयातुल्ला सादेघ लारीजानी पर प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के आचरण के खिलाफ बताया। उसने कहा कि अमेरिका को इस शत्रुतापूर्ण कदम का परिणाम भुगतना पड़ेगा। अमेरिका ने ये प्रतिबंध मानवाधिकार मुद्दों और ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर लगाए।