दुबई। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तल्खी के बीच ईरान ने अमेरिका का ड्रोन मार गिराया है। ईरान के मुताबिक यह जासूसी ड्रोन दक्षिणी ईरान के ऊपर से उड़ रहा था। इस नए घटनाक्रम से देशों के बीच तनातनी बढ़ने और सशस्त्र टकराव की आशंका गहरा गई है। ईरान की सशस्त्र सेना रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि दक्षिणी प्रांत होर्मोजगन के ऊपर से उड़ रहे ड्रोन को निशाना बनाया गया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है।

समाचार एजेंसी तसनीम न्यूज ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव के हवाले से कहा कि ईरान अपनी हवाई सीमा के उल्लंघन की हर कोशिश का करार जवाब देगा। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार यह ड्रोन आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक श्रेणी का था। वहीं एक अमेरिकी अधिकारी का कहना है कि ड्रोन नौसेना के एमक्यू-4सी ट्राइटन श्रेणी का था। यह ड्रोन होर्मुज जलसंधि के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाई सीमा में उड़ान भर रहा था।

इससे पहले अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने ड्रोन गिराने का खंडन किया था और कहा था कि अमेरिका का कोई विमान ईरान के हवाई क्षेत्र में नहीं घुसा था। अमेरिकी सेना ने हाल में ईरान द्वारा एक अमेरिकी ड्रोन के मार गिराने की पुष्टि की थी। छह जून को यमन में ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों ने भी एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया था।

परमाणु समझौते से अलग होने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच पिछले साल से तनाव की स्थिति बनी हुई है। परमाणु समझौता टूटने के बाद ही ईरान पर पुनः प्रतिबंध लगा दिए थे। पिछले हफ्ते ओमान की खाड़ी में दो तेल टैंकरों पर और 12 मई को संयुक्त अरब अमीरात की ओर जा रहे चार टैंकरों पर हुए हमलों के बाद से क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा और बढ़ गया है। दोनों हमले होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के पास हुए थे, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम की आवाजाही का अहम रास्ता है। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों को ईरान ने अंजाम दिया है। वहीं, ईरान ऐसे आरोपों से इन्कार करता रहा है। हाल में ईरान ने हमलों में अमेरिका का हाथ होने की आशंका भी जताई थी।