इस्लामाबाद। ईरान ने पाकिस्तान और चीन को चाबहार परियोजना में शामिल होने का न्योता दिया है। पाकिस्तानी मीडिया ने ईरानी विदेश मंत्री के हवाले से यह दावा किया है। यह दावा ऐसे समय आया है जब ईरानी विदेश मंत्री तीन के पाकिस्तान दौरे पर हैं। गौरतलब है कि भारत, ईरान और अफगानिस्तान ने 2016 में चाबहार परियोजना को लेकर समझौता किया था। समझौते के तहत तीनों देशों को इस परियोजना को विकसित करना था। परियोजना का एक मकसद पाकिस्तान को किनारे करना भी था।

चाबहार बंदरगाह के निर्माण को भारत की एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा था। परियोजना का सबसे बड़ा फायदा अफगानिस्तान और मध्य-एशिया के देशों तक भारत की पहुंच है। नवंबर में भारत ने चाबहार बंदरगाह के रास्ते अफगानिस्तान को गेहूं की पहली खेप भेजी थी। पाकिस्तान के डान अखबार की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्री जवाद जारिफ ने चीन और पाकिस्तान को इस परियोजना में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। जारिफ का कहना था कि परियोजना का मकसद पाकिस्तान की घेराबंदी करना नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ ईरान के रिश्ते ठीक उसी तरह हैं जैसे सऊदी अरब और पाकिस्तान के रिश्ते।