टोक्यो। जापान की अगली पीढ़ी की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का एक प्रोटोटाइप दुनिया की सबसे तेज ट्रेन बनने के लिए तैयार है। गुरुवार को एक परीक्षण में ट्रेन 320 किलोमीटर (198 मील) प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ी। ईस्ट जापान रेलवे के अनुसार, ट्रेन का नाम ALFA-X है और एक दशक बाद जब यात्री इसमें सफर करेंगे, तो यह यह 360 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से से दौड़ना शुरू कर देगी।

9.1 करोड़ डॉलर की लागत से बनी इस ट्रेन का निर्माण मई के शुरू में पूरा हुआ है, जिसमें 10 डिब्बे हैं और इसका अगला सिरा नाक की तरह लंबा बना है। उत्तरी जापान के दो शहरों सेनडाई और मोरीओका स्टेशन के बीच गुरुवार का ट्रायल रन मीडिया के लिए पहली बार खोला गया, जबकि ट्रेन का परीक्षण पिछले हफ्ते परीक्षण शुरू हुआ था।

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि हमने टेस्ट रन का सफल संचालन किया और लगभग तीन साल तक ट्रेन का परीक्षण जारी रखेंगे। बताते चलें कि यह ट्रेन 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है। नियमित संचालन शुरू होने के बाद यह दुनिया की सबसे तेज गति से चलने वाली बुलेट ट्रेन बन जाएगी। यह ट्रेन चीन की फुक्सिंग ट्रेन के मुकाबले 10 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिक रफ्तार से दौड़ेगी। फुक्सिंग ट्रेन का डिजाइन भी समान क्षमताओं के साथ एएलएफए-एक्स वर्जन वाला है।

परीक्षण के एक अधिकारी कजुनोरी कोयामा ने कहा कि हम अगली पीढ़ी के शिंकानसेन के साथ यात्रा के समय को कम करने की कोशिश करेंगे। जापान उच्च गति वाले रेल नेटवर्क में अग्रणी है। यह समय की पाबंदी और सुरक्षा उपायों के लिए दुनियाभर में जानी जाती है। इसमें इमरजेंसी स्टॉप सिस्टम है, जो बड़े भूकंप के आने से पहले खुद-ब-खुद अपनी रफ्तार को धीमा कर सकती है।