दुबईअंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम का शार्प शूटर राशिद मलाबारी को अबुधाबी में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय खुफिया एजेसियों के लिए यह एक बड़ी कामयाबी है। बीजेपी के उम्मीदवार वरुण गांधी को मारने की साजिश रचने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

मालाबारी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। साल 2000 में दाऊद के प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर छोटा राजन को मारने की कोशिश करने के बाद 38 वर्षीय शूटर के खिलाफ नोटिस जारी किया गया था। उस मामले में रशीद मालाबारी ने छोटा राजन के बारे में सनसनीखेज खुलासा किया है।

रशीद मालाबारी ने बताया कि दाऊद ने ही उसे छोटा राजन को बैंकॉक में ठोकने के लिए भेजा था। हालांकि, उस हमले में छोटा राजन बच निकला था। मगर, राजन की आंत, जांघ और पीठ पर तीन गोलियां लगी थीं। छोटा राजन को उसके करीबी रोहित शर्मा ने बचाया था, जिसकी 32 गोलियां लगने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद से लगातार छोटा राजन ठिकाने बदलता रहता था।

15 सितंबर 2000 को दाऊद के 4 शॉर्प शूटरों ने थाईलैंड में बैंकॉक के एक होटल में पिज्जा ब्वॉय बनकर राजेंद्र सदाशिव निखलेजे उर्फ छोटा राजन की हत्या करने की कोशिश की थी। छोटा राजन की हत्या के लिए रची गई साजिश में 4 हमलावर अब्दुल रशीद हुसैन उर्फ रशीद मलाबारी शामिल थे।

इस हमले में भले ही छोटा राजन बच निकाल था, लेकिन राशिद मालाबारी के नाम का दबदबा जरायम की दुनिया में बन चुका था। इसके बाद भी कई बार दाउद के करीबी माने जाने वाले छोटा शकील ने छोटा राजन पर कई बार हमला कराने की कोशिश की। मगर, छोटा शकील हमेशा बचता रहा।

फिलहाल अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन फर्जी पासपोर्ट मामले में तिहाड़ जेल में सात साल की सजा काट रहा है। छोटा राजन पर मुंबई के पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या का आरोप है। वह जागरण ग्रुप के अखबार मिड-डे के पत्रकार थे। कोर्ट ने इस हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं मामले में आरोपी पत्रकार जिगना वोरा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

ऐसे शूटर बना रशीद मालाबारी

रशीद साल 1995 की शुरुआत में छोटा शकील के संपर्क में आया था। वह जेल में गिरोह के सदस्यों के लिए हवाला के सौदे करते था। उसने साल 1996 में पहली हत्या की थी। तब उसने मस्तान के साथ मिलकर मोहन कोटियान के साथी विलास को गोली मारी थी।

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इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक मलाबारी हत्याएं करता चला गया। साल 1997 में वह छोटा शकील के गिरोह का हिस्सा बन गया और उसने राजन के संदिग्ध सूचनाकार हुसैन वास्तरा को मार डाला था।

साल 1998 में वह मस्तान के साथ मिलकर प्रशांत और जॉन की हत्या कर दी। उसे संदेह था कि इन दोनों को छोटा राजन ने उन्हें खत्म करने की सुपारी दी है। साल 2005 में वह क्वालालंपुर में छोटा राजन के एक और सहयोगी बालू डोकर को मारने के लिए गया था।

कई हत्याओं को अंजाम देने के बावजूद वह पिछले 13 वर्षों से भारत और विदेश में पुलिस से बचता रहा। यह पहली बार है कि मलाबरी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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