वॉशिंगटन। वर्षों की अथक जांच के बाद विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने मंगलवार को धरती पर दो सबसे गर्म स्थानों की घोषणा की है। इन दोनों जगहों पर सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किए गए हैं। चिलचिलाती गर्मी वाली इन जगहों में से एक मध्य पूर्व की है और दूसरी दक्षिण एशिया की है।

कुवैत के मित्रीबाह में 21 मई 2016 को 53.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था और पाकिस्तान के तुर्बत में 28 मई 2017 को 53.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने एक बयान में लिखा- कुवैत के मित्रीबाह में दर्ज किया गया तापमान अब डब्ल्यूएमओ द्वारा एशिया महाद्वीपीय क्षेत्र के लिए दर्ज किए गए सर्वाधिक तापमान के रूप में स्वीकार किया जाता है।

यह दोनों जगहें WMO द्वारा मान्यता प्राप्त तापमान की चरम सीमा पर तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। ये पिछले 76 वर्षों में सर्वाधिक माने गए तापमान हैं। गौरतलब है कि WMO सूची में कैलिफोर्निया के डेथ वैली में फर्नेस क्रीक में 30 जून 2013 को दर्ज 54.0 डिग्री सेल्सियस शामिल नहीं किया गया है, जो कि सर्वाधिक वैश्विक तापमान है।

साल 1913 में यह स्थान और भी अधिक गर्म था, जब यहां 56.7 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच गया था। इस तापमान को पृथ्वी पर सबसे गर्म जगह के रूप में मान्यता प्राप्त है। मगर, कुछ विशेषज्ञ इसकी वैधता पर सवाल उठाते हैं। इसे हाल ही में एक विस्तृत विश्लेषण में मौसम के दृष्टिकोण से 'अनिवार्य रूप से संभव नहीं' होने के रूप में वर्णित किया गया था।

इसी तरह की दूसरी कहानी ट्यूनीशिया के किबिली की है, जहां 7 जुलाई 1931 को तापमान 55 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जो अफ्रीका का सबसे गर्म तापमान भी है। चरम मौसम डेटा पर एक विशेषज्ञ क्रिस्टोफर बर्ट के अनुसार, इस रिकॉर्ड में 'गंभीर विश्वसनीयता के मुद्दे हैं।'