कोलंबो। श्रीलंका के सुरक्षा अधिकारियों ने 47 साल के एक मौलाना को गिरफ्तार किया है। मौलाना की गिरफ्तारी भंडारनायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हुई है। वावुनिया का रहने वाला यह मौलाना सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी विचारों के जरिए देश की शांति और सद्भाव भंग करने के आरोप में वांछित था। मौलाना की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। मौलाना को शनिवार को भंडारनायके एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब वह मक्का से हज करके देश लौटा था।

गौरतलब है श्रीलंका सरकार ने कुछ दिन पहले मस्जिदों में नफरत फैलाने के उद्देश्य से की जाने वाली सभाओं पर रोक लगा दी है। मस्जिद के ट्रस्टियों को वहां होने वाली धार्मिक तकरीरों की रिकॉर्डिंग जमा कराने के भी आदेश दिए गए हैं। ईस्टर के दिन चर्च और होटलों में हुए आत्मघाती धमाकों के बाद से समूचे श्रीलंका में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इनआतंकी हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है। लेकिन इस मामले में श्रीलंका सरकार का कहना है कि इन धमाकों को स्थानीय आतंकी संगठन नेशनल तौहीद जमात ने अंजाम दिया था। इन धमाकों के बाद हुई तलाशी में मस्जिदों से भारी मात्रा में तलवार और अन्य हथियार बरामद किए गए थे। इसीॉके बाद संदिग्ध संगठनों पर सख्ती की जा रही है।

ईस्टर धमाकों के बाद चर्च में पहली बार हुई सामूहिक प्रार्थना

श्रीलंका में पिछले महीने ईस्टर के दिन हुए आत्मघाती धमाकों के बाद रविवार को पहली बार चर्चों में सामूहिक प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं। इसके लिए चर्च के भीतर और बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चर्च में प्रवेश से पहले लोगों को गहन सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा। पहचान पत्र देखने के बाद ही उन्हें चर्च के भीतर जाने दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर चर्च के पार्किंग स्थल बंद रखे गए। सुरक्षा इंतजाम देखने के लिए पुलिस के अलावा सेना के जवान भी तैनात थे।