कोलंबो। ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में सिलसिलेवार बम धमाके कराने वाले आइएस से जुड़े स्थानीय आतंकी संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) अरबों की संपत्ति की मालिक है। संगठन के पास 14 करोड़ रुपए की नकदी और सात अरब रुपए की संपत्ति मिली है। पुलिस को जांच में पता चला है कि इन बम धमाकों में श्रीलंका के सबसे अमीर घर के दो भाई भी शामिल थे, जिन्होंने हर तरह से आतंकी संगठन की मदद की।

पुलिस के प्रवक्ता एसपी रुवन गुणासेकरा ने बताया कि सीआईडी ने नकदी और संपत्तियों का पता लगाया है। उन्होंने बताया कि सीआईडी ने इसमें से आधी नकदी अपने कब्जे में ले ली है। बाकी धनराशि विभिन्न बैंक खातों में जमा है। इन खातों को निलंबित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

गुणासेकरा ने बताया कि 21 अप्रैल को हुए हमले के बाद से अब तक 73 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। तीन होटलों और तीन चर्चों में हुए आत्मघाती हमलों में 253 लोगों की जान गई थी, जबकि पांच सौ से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे। इस बीच श्रीलंका में जनजीवन पटरी पर लौट रहा है और पुलिस ने नेगोंबो में पश्चिमी तटीय कस्बे से कर्फ्यू को हटा लिया है।

बताते चलें कि इस इलाके में ईस्टर बम धमाकों के बाद दो समूह के लोगों में भिडंत हो गई थी, जिसके चलते कर्फ्यू लगा दिया गया था। ईस्टर धमाकों में करीब 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे। छठवीं कक्षा से बड़े स्कूल खोले जाने लगे हैं, लेकिन अभी भी कम संख्या में ही बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं।

इस बीच श्रीलंका सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए 600 विदेशी नागरिकों सहित 200 मौलवियों को भी देश से निकाल दिया है। गृहमंत्री वाजिरा अबेवारदेना के मुताबिक इन सभी मौलवियों ने कानूनी रूप से देश में प्रवेश किया था, लेकिन हमलों के बाद पाया गया कि ये लोग वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी देश में गैरकानूनी तरीके से ठहरे हुए थे। जिसके लिए इन पर जुर्माना भी लगाया गया था।