सिडनी। वैज्ञानिकों ने एक विशेष प्रकार का सेंसर कैप्सूल विकसित किया है। इसे भी अन्य गोलियों की तरह निगला जा सकता है। यह आंत में पहुंचने के बाद उसकी सेहत और विभिन्न प्रकार की गैसों पर नजर रख सकता है। इससे पेट और कोलोन संबंधी विकारों की पहचान आसानी से हो सकती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह कैप्सूल प्रतिरक्षा तंत्र समेत शरीर के दूसरे तंत्रों पर नई रोशनी भी डाल सकता है।

यह नई तकनीक उन हर पांच पीड़ितों में से एक के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है जो आजीवन गैस्ट्रोइंटेस्टनल डिसआर्डर से जूझते रहते हैं। इस इंजेस्टिबल कैप्सूल को ऑस्ट्रेलिया की आरएमआइटी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। यह आंत में हाइड्रोजन, कार्बन डाईआक्साइड और ऑक्सीजन जैसी गैसों का आकलन कर सकता है। यह कैप्सूल मोबाइल फोन पर आंकड़ों को भेज भी सकता है। इस कैप्सूल का पहला मानवीय परीक्षण किया जा चुका है। इसके परिणाम बेहद उत्साहजनक पाए गए हैं।