बिश्केक। पाकिस्तान की आर्थिक हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। भारत द्वारा अतंर्राष्ट्रीय दबाव बनाने के बाद पाकिस्तान काफी वक्त से भारत से बातचीत करने की कोशिश में है। इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी ने कहा है कि उनका देश भारत से 'समानता के आधार पर' और 'सम्मानजनक स्थिति में' ही बात करेगा। अब यह भारत सरकार पर निर्भर है कि वह पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए क्या रुख अपनाते है। हालांकि कुरैशी ने यह आरोप भी लगाया कि अपना वोट बैंक बरकरार रखने के लिए मोदी सरकार अभी भी 'चुनावी मनोवृत्ति' से काम कर रही है।

19वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में शामिल होने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक गए कुरैशी ने शनिवार को जियो न्यूज को बताया कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आमना-सामना हुआ और दुआ-सलाम हुई। उनकी मुलाकात हुई, दोनों ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे का अभिवादन किया।

उन्होंने भारत सरकार पर आरोप लगाया कि अपना वोट बैंक बरकरार रखने के लिए वह चुनावी माइंडसेट में है। अपने संसदीय क्षेत्र को प्रभावित करने के लिए और वोट बैंक को बरकरार रखने के लिए भारत अभी भी चुनाव की सोच से बाहर नहीं आ पाया है। लेकिन पाकिस्तान को जो कहना था, उसने कह दिया है। इसलिए अब भारत को निर्णय लेना है। हमें ना तो जल्दी है और ना ही कोई परेशानी है। जब भारत खुद को इस बात के लिए तैयार कर ले, वह हमें भी तैयार पाएगा। लेकिन हम बातचीत बराबरी के दर्जे और इज्जत के साथ ही करेंगे।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी ने ये भी जोड़ा कि ना तो हमें किसी के पीछे भागने की जरूरत है, ना ही कोई अकड़ दिखाने की ख्वाइश है। पाकिस्तान का रुख बहुत ही वास्तविक, सोचा-समझा हुआ है। उन्होंने कहा कि अब फैसला भारत को करना है। वह पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए द्विपक्षीय वार्ता करना चाहता है कि नहीं।