इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने कहा है कि वह 2007 के समझौता ट्रेन विस्फोट मामले में संदिग्ध को बरी किए जाने के मामले में अंतरराष्ट्रीय फोरम में जाने पर विचार कर रहा है। इस हादसे में 68 लोग मारे गए थे मृतकों में से अधिकांश पाकिस्तानी थे। 18 फरवरी को हरियाणा के पानीपत के नजदीक समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट हुआ था। उस समय यह ट्रेन अमृतसर में अटारी की ओर जा रही थी।

हरियाणा के पंचकुला में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष कोर्ट ने 20 मार्च को नभ कुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद एवं तीन अन्य आरोपितों को इस मामले में बरी कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने कहा कि असीमानंद ने एक मजिस्ट्रेट के सामने इस आतंकी घटना को अंजाम देना स्वीकार किया था। वह बरी हो गया। इस तरह का फैसला भारतीय न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा करता है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नियमित रूप से भारत के सामने मुद्दे उठाता रहा है और वर्तमान में हम अंतरराष्ट्रीय फोरम में मामला ले जाने पर विचार कर रहे हैं। पाकिस्तान ने कहा कि वह भारत के साथ आतंकवाद पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन नई दिल्ली इस मुद्दे पर सहयोग करने से आनाकानी कर रहा है। आतंकवाद इस्लामाबाद के लिए चिंता की प्रमुख वजह है। प्रधानमंत्री इमरान खान की नीति के अनुसार पाकिस्तान भारत के साथ सकारात्मक सहयोग चाहता है।