दुबई। हमारे पास सिखों का मक्का-मदीना है और हम अल्पसंख्यक समुदाय के लिए इन पवित्र स्थलों को खोल रहे हैं। यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त अरब अमीरात में रविवार को कही। इमरान यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के सातवें संस्करण में हिस्सा लेने वहां गए हैं।

बता दें कि इमरान ने पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर जिले स्थित डेरा बाबा नानक शाह से जोड़ने वाले गलियारे की आधारशिला रखी थी। पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव का अंतिम विश्राम स्थल है।

इमरान ने कहा कि हमने 70 देशों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा उपलब्ध कराई है। पाकिस्तान में पर्यटन के क्षेत्र में प्रगति करने की असीम संभावनाएं हैं। दुनिया की आधी से अधिक ऊंची चोटियां पाकिस्तान में हैं। हमारे पास 5,000 साल पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता है। सबसे पुराने जीवित शहर के तौर पर पेशावर है, जो 2,500 साल पुराना है।

उन्होंने कहा कि लाहौर और मुल्तान प्राचीन शहर हैं। हमारे पास गांधार सभ्यता है, जो बौद्ध सभ्यता का उद्गम स्थल था। उन्होंने कहा कि वह देश को पर्यटन के लिए खोल रहे हैं। पाकिस्तान में करतारपुर साहिब में सिखों का पवित्र गुरुद्वारा है। यह सिख गुरु द्वारा 1522 में स्थापित किया गया था। यह सिखों का पहला गुरुद्वारा था। यहीं सिखों के गुरु नानक ने अंतिम सांस ली थी।