क्विटो। जापान में लगातार चार दिन के जलजले के बाद अब इक्वाडोर की जमीन भी थरथराई है। इस लैटिन अमेरिकी देश में 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप ने 272 लोगों की जान ले ली, जबकि 1500 से ज्यादा लोग घायल हो गए। भीषण भूकंप से कई इमारतें ध्वस्त हो गईं। कई गांव तबाह हो गए। दहशत में लोगों को घरों से बाहर भागते देखा गया। भूकंप से 1.60 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।

इक्वाडोर के राष्ट्रपति रफायेल कोरेया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया कि भूकंप में कम से कम 272 लोगों की मौत हो गई है। कोरेया ने अपना इटली दौरा बीच में रोक स्वदेश लौटने की बात कही। उपराष्ट्रपति जॉर्ज ग्लास ने बताया कि भूकंप स्थानीय समयानुसार शनिवार शाम 6.58 बजे (11.58 जीएमटी) आया। भूकंप का केंद्र राजधानी क्विटो से उत्तर पश्चिम में 170 किलोमीटर की दूरी पर था। यहां धरती करीब एक मिनट तक थरथराती रही। इसे इक्वाडोर, उत्तरी पेरु और दक्षिणी कोलंबिया में महसूस किया गया।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के हवाले से कहा कि भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 19 किलोमीटर की गहराई में था। क्विटो में करीब 40 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए और डरे-सहमे लोग सड़कों पर निकल आए। क्विटो और मांटा शहर में बिजली गुल हो गई। फोन बंद हो गए। तटीय इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

उपराष्ट्रपति ग्लास ने बताया कि कई जगहों पर लोग फंसे हुए हैं। पेडरनेल्स के मेयर गैब्रिएल एल्सिवर ने बताया कि कई गांव पूरी तरह तबाह हो गए हैं। लोग मलबे को हटाने के लिए छोटे ट्रैक्टरों का उपयोग कर रहे हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश में कुछ लोग हाथों से मलबा हटाते देखा गया। गुआयाकिल शहर में भूकंप से एक पुल कार पर गिर पड़ा और एक सुपरमार्केट की छत झुक गई।

तटीय शहर मांटा में कंट्रोल टावर को नुकसान पहुंचने की वजह से हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया। एक बड़ी तेल रिफाइनरी को एहतियातन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया। देश के छह प्रांतों में आपातकाल घोषित कर दिया गया। क्विटो की 60 वर्षीय मारिया टोरेस ने अपने भयानक अनुभव को साझा करते हुए कहा, 'अपने जीवन में अब तक का यह सबसे बड़ा भूकंप देखा है। यह लंबे समय तक महसूस किया गया। मैं गली में भागना चाहती थी लेकिन धरती हिलने के कारण ऐसा नहीं कर सकी।'

भूकंप के बाद भी आते रहे झटकेजबर्दस्त तीव्रता वाले भूकंप के बाद भी तकरीबन 55 हल्के झटके (आफ्टर शॉक) महसूस किए गए। इन आफ्टर शॉक की तीव्रता 5.4 तक मापी गई। 1987 में आया था भीषणतम भूकंपइक्वाडोर भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में है। यहां भूकंप के सामान्य झटके और ज्वालामुखी के फटने की घटनाएं आम हैं। इक्वाडोर में मार्च 1987 में आए भूकंप को अब तक भीषणतम भूकंप माना जाता है। इस भूकंप में 1,000 लोगों की मौत हो गई थी। 1979 में आए भूकंप में 600 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 20,000 लोग घायल हुए थे।