शिकागो। अमेरिका में एक दिल- दहलाने वाला मामला सामने आया है। शिकागो में पुलिस ने एक गर्भवती किशोरी की हत्या के मामले में गुरुवार को तीन लोगों को आरोपित किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने गर्भवती महिला की गला दबाकर हत्या करने के बाद उसके भ्रूण को निकाल लिया था।

पुलिस ने कहा कि 19 वर्षीय मार्लेन ओचोआ-लोपेज को उसकी जानने वाली महिला ने 23 अप्रैल को घर आने का लालच दिया गया था। उसने कहा था कि फ्री में बच्चे की जरूरत की चीजें देगी, लेकिन इसके बजाय लोपोज का गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया और उसके गर्भ से बच्चे को निकाला गया।

मामले में 46 साल की क्लेरिसा फिगेरोआ, उनकी 24 वर्षीय बेटी डेसिएरी पर फर्स्ट डिग्री हत्या का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही क्लेरिसा के 40 साल के प्रेमी प्योत्र बोबाक पर हत्या का अपराध छुपाने का आरोप लगाया गया था। शिकागो के पुलिस प्रमुख एडी जॉनसन ने अपराध को 'घृणित और पूरी तरह से परेशान करने वाला' करार दिया।

जॉनसन ने कहा कि मैं यह कल्पना करने का नाटक भी नहीं कर सकता कि वह परिवार अभी किस दौर से गुजर रहा है। उन्हें एक युवा बच्चे के जन्म का जश्न मनाना चाहिए था। इसके बजाय, वे मां और संभवतः उस छोटे बच्चे के नुकसान का शोक मना रहे हैं।

पुलिस ने एक कूड़े में छिपे हुए लोपेज के शरीर के अंगों की तलाश की, इसके बाद फिगेरोआ के घर पर तलाशी के लिए सर्च वॉरिंट निकला गया। डिप्टी चीफ ब्रेंडन ने कहा कि लोपेज ने क्लैरिसा से अन्य बच्चे के सामान खरीदे थे, इसलिए वे एक-दूसरे को जानते थे। लोपेज के लापता होने के दिन, फिगेरोआ ने कथित तौर पर फेसबुक के माध्यम से उसके साथ बात की थी।

पुलिस ने कहा कि नौ महीने की गर्भवती किशोरी कुछ बच्चों के कपड़े और अन्य दान की गई वस्तुएं लेने की उम्मीद में फिगेरोआ के घर गई थी। वहां मां-बेटी ने तार से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और उसके बच्चे को निकाल लिया।

लोपेज को आखिरी बार निगरानी कैमरों द्वारा सड़क पर ड्राइविंग करते हुए देखे जाने के बाद क्लैरिसा ने आपातकालीन सेवाओं को कॉल करके कहा कि उसने एक बच्चा दिया था, जो सांस नहीं ले रहा था। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और कथित तौर पर उसकी हालत गंभीर है। पुलिस ने बच्चे की मेडिकल स्थिति की पुष्टि करने से इनकार कर दिया।