वाशिंगटन। अमेरिका के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका लगा है। उनकी रिपब्लिकन पार्टी ने कांग्रेस (अमेरिकी संसद) के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में बहुमत खो दिया है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को आठ साल बाद प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल हुआ है।

ट्रंप ने हालांकि चुनावी नतीजों को बेहद सफल बताते हुए कहा कि पूर्व में सत्तारूढ़ दलों के प्रदर्शनों की तुलना में उनकी पार्टी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। राष्ट्रपति कार्यकाल के मध्य में होने के कारण अमेरिका में इस चुनाव को मिड टर्म (मध्यावधि) इलेक्शन कहा जाता है।

इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को 435 सदस्यीय निचले सदन में बहुमत मिल गया। चुनाव से पहले तक ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास 235 और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 193 सीटें थीं। निचले सदन में इस बदलाव का ट्रंप के कामकाज पर भी असर पड़ेगा।

आव्रजन, कर और स्वास्थ्य संबंधी सुधारों को लेकर मनमाफिक बदलाव कराना अब उनके लिए मुश्किल साबित होगा। संसद के उच्च सदन 100 सदस्यीय सीनेट में अब भी ट्रंप की पार्टी का बहुमत है।

सीनेट में रिपब्लिकन की 51 और डेमोक्रेट्स की 49 सीटें हैं। पहली बार 100 महिलाएं जीतीं प्रतिनिधि सभा की सभी 435 और सीनेट की 35 सीटों के लिए मंगलवार को मतदान हुआ था।

इस चुनाव में 100 महिलाएं निवार्चित हुई हैं, जिनमें से 28 पहली बार चुनी गईं। चुनावी नतीजों से हालांकि ट्रंप सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन इससे 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कड़े मुकाबले की संभावना बढ़ गई है।

ट्रंप ने नतीजों को जबरदस्त सफलता बताया मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया, 'आज रात जबरदस्त सफलता, सभी को धन्यवाद।' उन्होंने जीत के लिए डेमोक्रेट्स को बधाई देते हुए कहा कि अमेरिकी लोगों की भलाई के लिए वह साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।

नेंसी पेलोसी फिर बनेंगी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष

डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद 78 वर्षीय नेंसी पेलोसी फिर प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष बनेंगी। प्रतिनिधि सभा भारत की लोकसभा की तरह है। जीत के बाद अपने पहले भाषण में पेलोसी ने कहा कि हमारी पार्टी देश के लिए द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में अपने बढ़े हुए बहुमत का इस्तेमाल करेगी।

'समोसा कॉकस' सीटें बरकरार रखने में कामयाब

इस चुनाव में भारतीय मूल के 12 अमेरिकियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। लेकिन 'समोसा कॉकस' समूह के नाम से विख्यात भारतीयों में से सिर्फ चार ही कांग्रेस पहुंचने में सफल हुए। ये चारों प्रतिनिधि सभा के निवर्तमान सदस्य हैं। इनमें राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना और एमी बेरा शामिल हैं।

पहली बार दो मुस्लिम महिलाएं निर्वाचित

इस चुनाव में मुस्लिम समुदाय की दो महिलाएं इल्हान उमर और राशिदा तालिब भी प्रतिनिधि सभा पहुंचने में सफल रहीं। यह पहला मौका है जब निचले सदन के लिए कोई मुस्लिम महिला निर्वाचित हुई। इल्हान मिनिसोटा और राशिदा मिशिनग से डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर संसद पहुंचीं।

दोनों ही फलस्तीन से आए शरणार्थी परिवार से हैं। गवर्नर के लिए पहली बार समलैंगिक जीता मध्यावधि चुनाव में और भी कई रिकॉर्ड बने हैं। जेयर्ड पोलिस गवर्नर पद के लिए चुने गए हैं। इस पद पर पहुंचने वाले वह अमेरिका के पहले समलैंगिक हैं। वह सार्वजनिक रूप से अपने समलैंगिक होने की घोषणा कर चुके हैं।

पोलिस के अलावा और भी कई समलैंगिक गवर्नर पद की दौड़ में थे। वेश्यालय मालिक भी चुनाव जीता कई वैध वेश्यालयों के मालिक और पूर्व रियलिटी टीवी स्टार डेनिस नोफ ने नेवादा से विजय हासिल की। उन्होंने अपने डेमोक्रेट्स प्रतिद्वंदी को 31 फीसद से ज्यादा वोटों से हराया।

लेकिन अपनी जीत का जश्न मनाने के लिए नोफ अब इस दुनिया में नहीं हैं। तीन हफ्ते पहले 72 वर्षीय नोफ की जन्मदिन समारोह के बाद मौत हो गई थी। लेकिन मौत के बाद भी बैलेट से उनका नाम नहीं हटाया गया था।