मास्को। रूस ने कहा है कि यदि अमेरिका नए प्रतिबंध लगाता है तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने कहा कि प्रतिबंधों के जरिये उन कंपनियों को निशाना बनाए जाएगा जिन्होंने सीरिया को रसायनिक हथियार उपलब्ध कराए थे। अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि दुनिया जल्द ही रूस पर नए प्रतिबंध देखेगी। क्रेमलिन ने अमेरिकी राजदूत के इसी बयान का जवाब दिया है।


हेली ने कहा कि अगर सीरिया फिर से रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करता है तो अमेरिका प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा परिषद और रूस रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने वालों को जवाबदेह ठहराने के अपने कर्तव्य का निर्वाह करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लक्ष्मण रेखा खींच दी है। सीरिया पर अमेरिका दबाव बनाए रखेगा। असद सरकार को अमेरिका रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल नहीं करने देगा।

गौरतलब है कि 14 अप्रैल को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर सीरिया की राजधानी दमिश्क के कई जगहों पर मिसाइलें दागी थीं। सीरिया में कथित रूप से सीरिया द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अमेरिका ने पहले ही सीरियाई सरकार को चेतावनी दी थी। इन हमलों में कई बच्चों समेत 70 लोग मारे गए थे। सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन करने के लिए रूस की दुनियाभर में आलोचना हो रही है।

दबाव का कड़ा जवाब देगा रूस

रूसी अधिकारी व्लादिमीर यर्माकोव ने कहा कि अमेरिका अगर कोई भी दबाव बनाता है तो रूस उसका कड़ा जवाब देगा। यर्माकोव रूसी विदेश मंत्रालय के हथियारों से संबंधित एक विभाग के निदेशक हैं। उन्होंने कहा, "बीते डेढ़ दशक में सैन्य तकनीक के क्षेत्र में रूस के पक्ष में बदलाव आया है। रूस के पास अमेरिका की हर कार्रवाई का जवाब है।" इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रविवार को कहा था कि यदि अब सीरिया पर हमला हुआ तो उससे अराजकता फैल जाएगी।

अमेरिकी मिशन में कोई बदलाव नहीं

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा कि सीरिया के लिए अमेरिकी मिशन में कोई बदलाव नहीं आया है। राष्ट्रपति चाहते हैं कि जल्द से जल्द अमेरिकी बलों की घर वापसी हो। सैंडर्स ने कहा, "हम आईएस के खात्मे और उनकी वापसी रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम इस संबंध में क्षेत्रीय सहयोगियों की सैन्य व आर्थिक पक्षों की जिम्मेदारी लेने की उम्मीद करते हैं।"

सीरिया पर हमला युद्ध की घोषणा नहीं

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि सीरिया में फ्रांस की ओर से किए गए हमले असद सरकार के खिलाफ युद्ध की घोषणा नहीं है। एक साक्षात्कार में मैक्रों ने कहा, "अमेरिका और ब्रिटेन के साथ सीरिया में अभूतपूर्व हमले में शामिल होने के एक दिन बाद फ्रांस ने कहा कि यह दखलंदाजी जरूरी थी।" उन्होंने कहा कि यह संकेत दिया जाना जरूरी था कि नागरिकों कि खिलाफ रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ा जाएगा।