सियोल। दक्षिण कोरिया में लोगों की उम्र को गिनने के लिए जो प्रक्रिया आजमाई जाती है, वह पूरी दुनिया से अलग है। लिहाजा, यहां जन्म लेने वाले बच्चे की उम्र, वास्तविक उम्र से दो साल तक अधिक हो सकती है। दरअसल, यहां एक जनवरी से बच्चों की उम्र गिनी जाती है। लिहाजा, यदि किसी बच्चे का जन्म 31 दिसंबर को होता है, तो अगले दिन एक जनवरी को उसकी उम्र दो साल मानी जाती है।

दरअसल, यहां जन्म लेने वाले बच्चे को जन्म लेते ही एक साल का माना जाता है। जैसे ही एक जनवरी आती है, उसकी उम्र एक साल आगे बढ़ा दी जाती है। मगर, लोगों के काफी विरोध करने के बाद सरकार उम्र गिनने की इस गलत परंपरा को खत्म करने जा रही है। इसके लिए संसद में प्रस्ताव लाया जाएगा और माना जा रहा है कि अगले महीने तक यह परंपरा खत्म हो जाएगी।

कोरियाई सांसद ह्वांग जू हांग ने कहा कि वह संसद में जल्द ही एक संशोधन प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं। इस संशोधन में उम्र गिनने की पुरानी परंपरा को खत्म किया जाएगा। बताते चलें कि उम्र गिनने के इस तरीके की शुरुआत चीन से हुई थी। यह परंपरा पूर्वी एशियाई देशों चीन, वियतनाम और जापान में भी थी, लेकिन इसे बाद में खत्म कर दिया गया। वर्तमान में इसका इस्तेमाल सिर्फ दक्षिण कोरिया में ही हो रहा है।

परंपराओं को काफी महत्व देने वाले कोरियाई लोग इस परंपरा का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये पुरानी परंपरा उनका समय बर्बाद कर रही है और उन्हें दो उम्र के साथ जीना पड़ता है। आधिकारिक रूप से कोरिया के लोग 1960 के दशक से आयु गिनने के लिए पश्चिमी तरीके का इस्तेमाल करने लगे थे, लेकिन यहां के लोग रोज-मर्रा के जीवन में उम्र गिनने के लिए पारंपरिक तरीके का इस्तेमाल करते थे क्योंकि सरकार ने इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं किया था।

चोई मिन युंग की उम्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 26 साल है, जबकि दक्षिण कोरिया में उनकी उम्र 28 साल है। वह हंसते हुए कहती हैं कि दो साल युवा होना अच्छा है, खासतौर पर जब आप किसी पुरुष से ब्लाइंड डेट पर मिलती हैं। 26 साल और 28 साल की उम्र में काफी अंतर है।