बर्मिंघम। एक नए अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग इंफेक्शंस से पीड़ित हैं, उनमें दिल का दौरा पड़ने या स्ट्रोक होने का बहुत अधिक खतरा रहता है। अध्ययन के लिए, शोधकर्ताओं ने न्यूमोनिया या यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन से पीड़ित 12 लाख मरीजों को लिया। उन्होंने पाया कि इन मरीजों को आठ साल के अंदर हार्ट अटैक का जोखिम 40 प्रतिशत और स्ट्रोक की आशंका 150 प्रतिशत थी।

बर्मिंघम में एस्टन मेडिकल स्कूल और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की अनुसंधान टीम का मानना है कि एक सामान्य इंफेक्शन ओबेसिटी की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है जो कि इन कार्डियोवस्कुलर कंडिशन के जोखिम को 25 प्रतिशत बढ़ा देता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि वे मरीज जिन्हें इंफेक्शन्स है, उन्हें अगर स्ट्रोक या हार्ट अटैक आता है तो मरने का अधिक खतरा होता है। इंफेक्शन का इतना गहरा प्रभाव डालने का कारण है कि लंबे समय तक रक्त वाहिकाओं में जलन और सूजन का कारण बनता है। टीम सुझाव देती है कि जो मरीज चेस्ट इंफेक्शन या ब्लेडर इश्यूज से पीड़ित है, उन्हें स्टेटिन या हार्ट पिल्स प्रिस्क्राइब की जानी चाहिए।

एस्टोन यूनिवर्सिटी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल पोटलुरी ने कहा कि हमारे आंकड़े बताते हैं कि जो लोग रेस्पिरेटरी या यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन के साथ अस्पताल में भर्ती हुए, उन लोगों की तुलना में दिल का दौरा पड़ने की आशंका 40 प्रतिशत अधिक थी जिन्हें कोई ऐसा इंफेक्शन नहीं था।