अंकारा। तुर्की ने सोमवार को कहा कि सीरिया मामले में वह किसी खेमे में नहीं है। कतर की यात्रा पर गए तुर्की के उप प्रधानमंत्री बकिर बोजदाग ने एक सवाल के जवाब में कहा, "हमारी नीति अमेरिका, रूस और ईरान से अलग है। इस मसले पर हम ना तो किसी देश के साथ हैं और ना ही खिलाफ। हमारी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।सीरियाई सरकार को हम बिना शर्त समर्थन नहीं दे सकते।"

बीते शुक्रवार को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर सीरिया के कथित रासायनिक हथियारों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी थीं। तीनों देशों ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद को अपने ही लोगों के खिलाफ रासायनिक हमले का गुनहगार बताया है। सीरिया ने हालांकि रासायनिक हमले से इन्कार किया है।

तीनों देशों की इस सैन्य कार्रवाई का तुर्की सरकार ने स्वागत किया था। तुर्की से मिले समर्थन पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों ने कहा था, "तुर्की का मिसाइल हमलों का समर्थन करना यह दर्शाता है कि वह रूस से अलग हो गया है।" माना जा रहा है कि बोजदाग का यह बयान इसी को ध्यान में रखकर दिया गया है।

इराक में हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन-

सीरिया में अमेरिकी हमले के विरोध में रविवार को हजारों लोगों ने तहरीर चौक पर प्रदर्शन किया। इराक और सीरिया के झंडे लहराते हुए इन प्रदर्शनकारियों ने सीरिया पर बमबारी की निंदा की। उन्होंने जो बैनर पकड़ रखे थे, उनमें नहीं-नहीं, अमेरिका और नहीं, साम्राज्यवाद नहीं और अमेरिका ने लोकतंत्र के नाम पर सीरिया के लोगों की हत्या की जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी झंडे भी जलाए।