नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि सीमा पार आतंकवाद पर काबू पाने के लिए भारत कठोर कदम उठाता रहेगा। पाकिस्तान के साथ वार्ता केवल आतंक और हिंसा से मुक्त वातावरण में ही होगी। सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की जवाबदेही पाकिस्तान की है।

गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने एक सवाल के जवाब में कहा, "पाकिस्तान को यह स्पष्ट किया जा चुका है कि सरकार उसके साथ सामान्य पड़ोसी का संबंध बनाना चाहती है। सरकार सभी मुद्दों का द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण तरीके से समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि कोई भी सार्थक वार्ता आतंक, शत्रुता और हिंसा मुक्त वातावरण में ही हो सकती है।"

पहले दो महीनों में पाक ने 633 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया

एक अन्य सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री अहीर ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम की 432 घटाएं हुई हैं। इस वर्ष फरवरी तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस तरह की 201 घटनाएं हुई हैं। 2017 में जम्मू एवं कश्मीर में संघर्ष विराम की 860 घटनाएं हुई थीं।

जम्मू एवं कश्मीर में 60 आतंकी घटनाएं, 15 सुरक्षाकर्मी शहीद

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहीर ने लोकसभा में कहा कि इस साल चार मार्च तक जम्मू एवं कश्मीर में करीब 60 आतंकी घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में 15 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं और 17 आतंकी और दो नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष इसी अवधि में 39 आतंकी घटनाएं हुई थीं।

जम्मू एवं कश्मीर के बच्चों युवाओं का मनोवैज्ञानिक पुनर्वास

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहीर ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के 3000 से ज्यादा बच्चों और युवकों को देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाया गया है। यह कदम आतंकवाद से प्रभावित बच्चों के मनोवैज्ञानिक पुनर्वास के लिए परियोजना के तहत उठाया जा रहा है। एक लिखित सवाल के जवाब में उन्होंने लोकसभा में कहा कि गृह मंत्रालय "वतन को जानिए" एवं अन्य समान कार्यक्रम चला रही है। विभिन्न एजेंसियों के साथ राज्य के युवकों को देश के अन्य हिस्सों में सांस्कृतिक एवं समाज-आर्थिक विकास की जानकारी दी जा रही है।