मे साई। थाइलैंड की थाम लुआंग गुफा में दो सप्ताह से अधिक समय तक फंसे रहे वाइल्ड बोअर्स टीम के 12 बच्चों और उनके कोच को सुरक्षित निकालने के बाद बचाव अभियान गुरुवार को खत्म हो गया। इस बीच, इस साहसी अभियान की याद में चियांग राइ प्रांत स्थित गुफा को संग्रहालय बनाने पर विचार किया जा रहा है।

बचाव अभियान के प्रमुख नारोंगसाक ओसोट्टानाकोर्न ने गुरुवार को कहा कि इस इलाके को म्यूजियम में तब्दील कर दिया जाएगा, ताकि लोगों को बताया जा सके कि इस मुश्किल ऑपरेशन किस तरह अंजाम दिया गया। यह थाइलैंड के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में शुमार होगा। यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। ऑपरेशन के दौरान जिन उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, उन्हें भी प्रदर्शित किया जाएगा। फिलहाल यह इलाका अविकसित है और यहां पर्यटन की सीमित सुविधाएं हैं।

हालांकि प्रधानमंत्री प्रयुथ चान ओचा ने इससे पहले कहा था कि गुफा के अंदर और बाहर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। उल्लेखनीय है कि थाम लुआंग गुफा हर साल बाढ़ के पानी से भर जाती है। यह स्थिति सितंबर से अक्टूबर तक बनी रहती है। गुफा को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इसके अंदर किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है। बच्चों को निकालने के बाद से गुफा के भीतर जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हो गया है।

कोच को नागरिकता देने की मांग

थाम लुआंग गुफा में बच्चों के साथ फंसे रहे वाइल्ड बोअर्स टीम के कोच एकापोल चांगथ्वांग थाइलैंड के नागरिक नहीं हैं। मुश्किल घड़ी में बच्चों की हिम्मत नहीं टूटने देने के लिए उनको थाइलैंड की नागरिकता देने की मांग की जा रही है। 25 वर्षीय एकापोल चांगथ्वांग ताई लुई अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। यह समुदाय मुख्य रूप से दक्षिणी चीन, म्यांमार और लाओस से लगती सीमा पर और उत्तरी थाइलैंड में रहता है।

इन लोगों के पास थाइलैंड की नागरिकता नहीं होती है और आधिकारिक रूप से ये लोग राज्यविहीन होते हैं। गुफा में बच्चों के फंसने के बाद से लोगों का ध्यान उनकी एकापोल की नागरिकता की ओर गया है। वाइल्ड बोअर्स टीम के तीन बच्चों के पास भी थाइलैंड की नागरिकता नहीं है। अब सोशल मीडिया पर उनको देश की नागरिकता देने की मांग की जा रही है। आंतरिक मंत्रालय के एक अधिकारी वीनत सीसुक ने कहा कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि ये लोग नागरिकता देने के योग्य हैं या नहीं?