रियो डी जेनेरियो। भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी गायिका वंदना नारन ने छह धुनों में हनुमान चालीसा गाई है। उसकी सीडी बाजार में आने के बाद बधाई संदेश देने वालों की संख्या काफी बढ़ गई है। वंदना ने कहा कि हमने हर आयु वर्गों के लोगों को आकर्षित करने के लिए सीडी में हनुमान चालीसा की विभिन्न धुनों को एक साथ रखा।

वंदना ने कहा कि सीडी में पारंपरिक धुन पर गाई गई हनुमान चालीसा जहां बुजुर्गों को आकर्षित करेंगी। वहीं, मॉर्डन म्यूजिक जिसके बैकग्राउंड में इलेक्ट्रॉनिक संगीत का इस्तेमाल किया गया है, वह युवाओं के ज्यादा पसंद आएगी।

वंदना की इस पहल को लोक काफी पसंद कर रहे हैं और उनकी काफी तरीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि इनके बोल वही हैं, लेकिन प्रस्तुतियां अलग-अलग धुनों पर हैं। जोहान्सबर्ग की इंडियन टाउनशिप लेनासिया में आयोजित वार्षिक संयुक्त हनुमान चालीसा कार्यक्रम में नारन ने कुछ पर प्रस्तुतियां भी दीं।

वहां देश भर के भजन समूहों ने 20-20 मिनट के सत्र में 12 घंटे तक बिना रुके भजन गाए। हनुमान चालीसा में 40 छंद हैं, जिनमें राम भक्त हनुमान की प्रसंशा की गई है। इसे गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा था।

उन्होंने अमेरिका में बचपन से अपनी बहन जागृति के साथ शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षण लिया। वहां, उनके पिता जगदीश नारन चार साल तक काम कर रहे थे। दक्षिण अफ्रीका आने के बाद उनकी संगीत में रुचि और बढ़ गई। नारन ने गायन पर ध्यान लगाया और जागृति ने म्यूजिक कंपोजिशन करने पर।

पिता जगदीश ने टेक्निकल स्टूडियो रिकॉर्डिंग्स में उनकी मदद की। उनका पूरा परिवार संगीत में रुचि रखता है। वंदना नारन ने कई स्थानीय स्पर्धाएं जीती हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियां भी दी हैं। नारन के पूरे परिवार ने नेल्सन मंडेला की 150वीं पुण्यतिथि पर गतवर्ष आयोजित कार्यक्रम में भी प्रस्तुति दी थी।