लंदन। ब्रिटेन ने सन 2050 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पर्यावरण सुरक्षा के लिए कार्बन उत्सर्जन की मात्रा शून्य करने के लक्ष्य की ओर ब्रिटेन तेजी से आगे बढ़ रहा है। ब्रिटिश सरकार ने सन 2050 तक कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

बुधवार को पर्यावरण पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने कहा कि हमें अपने बच्चों के लिए यह सुरक्षात्मक कदम उठाना ही होगा। वैसे ब्रिटेन सन 2008 से ही 2050 तक कार्बन उत्सर्जन 80 प्रतिशत तक कम करने की दिशा में कार्य कर रहा है। लेकिन बुधवार को सरकार ने लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए शत प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन खत्म करने का संकल्प लिया।

पर्यावरण को बेहतर बनाने के सिलसिले में 2008 में बने मौसम बदलाव संबंधी कानून में संशोधन कर दिया गया है। प्रधानमंत्री टेरीजा ने कहा किअपने बच्चों के लिए हमें पर्यावरण की सुरक्षा का काम बढ़कर और ज्यादा तेजी से करने की जरूरत है। यह समय की मांग है। ब्रिटेन ने दुनिया को औद्योगिक क्रांति का रास्ता दिखाया था, अब वह दुनिया को साफ करने और हरी-भरी तरक्की का रास्ता दिखाने में भी दुनिया का नेतृत्व करेगा।

ब्रिटेन के सांसदों ने भारी बहुमत से सरकार के कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के प्रस्ताव का समर्थन किया। जी 7 देशों में शामिल ब्रिटेन इस तरह की घोषणा करने करने वाला पहला देश है। जी 7 में दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं वाले देश हैं।

ब्रिटेन की ताजा घोषणा का मतलब होगा कि घर, यातायात, कृषि और उद्योग से वातावरण में कार्बन छोड़ने वाली गैसों का उत्सर्जन शून्य किया जाएगा। जो कार्बन उत्सर्जन रोका नहीं जा सकेगा, उसको सोखने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे। ऐसा करके पूरी तरह से कार्बन उत्सर्जन शून्य किया जाएगा। पेरिस पर्यावरण समझौते की रूपरेखा तैयार करने वाले लॉरेंस ट्यूबियाना ने कहा है कि ब्रिटेन का यह संकल्प ऐतिहासिक है। यह दुनिया के लिए बहुत सकारात्मक संदेश है जो बदलाव का रास्ता दिखाएगा।