वेलिंगटन। प्रशांत महासागर क्षेत्र में स्थित द्वीपीय देश टोंगा में चक्रवाती तूफान की वजह से भारी तबाही हुई है। तूफान की वजह से देश का सौ साल पुराना संसद भवन भी ध्वस्त हो गया है। पिछले छह दशक के इस सबसे भयंकर तूफान की वजह से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है।


पिछले कई घंटों से बिजली भी गुल है। यातायात व्यवस्था बाधित हो गई है। तूफान आने के बाद से करीब 5,700 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। श्रेणी चार के इस तूफान में हवाएं दो सौ किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। अभी तक हालांकि किसी की मौत की कोई सूचना नहीं है लेकिन कई लोग बुरी तरह घायल हुए हैं।

न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने टोंगा को क्रमशः 3.5 और 1.7 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह तूफान अब फिजी की तरफ बढ़ सकता है। इसके साथ ही यह और भयंकर रूप लेकर श्रेणी पांच में पहुंच सकता है। पूर्वी फिजी और उत्तरी न्यूजीलैंड के बीच स्थित यह देश 170 द्वीपों से मिलकर बना है।