लाहौर। जानीमानी पाकिस्तानी उर्दू उपन्यासकार और पटकथा लेखिका बानो कुदसिया का निधन हो गया। वह 88 साल की थीं। उनका जन्म भारत के फिरोजपुर जिले में नंवबर 1928 में हुआ था।

वह बंटवारे के बाद पाकिस्तान में बस गई थीं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, बानो को हृदय से संबंधित दिक्कतों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई।

उन्होंने शनिवार शाम अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को लाहौर के मॉडल टॉउन में उनके पति अशफाक अहमद की कब्र के पास दफनाया गया है। बानो भी अपने पति की तरह साहित्य जगत की बड़ी हस्ती थीं।

उनका लेखन देश और विदेश में लोकप्रिय था। उन्होंने बचपन में ही लघु कहानियों का लेखन शुरू कर दिया था लेकिन उन्हें 'राजा गिद्ध' उपन्यास से प्रसिद्धि मिली। इस उपन्यास की देश और विदेश में खूब तारीफ हुई थी।

बानो ने आधी बात, आतिश-ए-जर-पा, इक दिन, अमर बेल, चाहर चमन, फुटपाथ की घास और हवा क्या नाम जैसी कई लोकप्रिय किताबें लिखी थीं।