कोलंबो। श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर सेंट एंथोनी चर्च में जिस आत्मघाती हमलावर ने खुद को बम से उड़ा लिया था, उसकी पत्नी ने दो हफ्तों के बाद एक बेटे को जन्म दिया है। उस बम धमाके में करीब 257 लोगों की मौत हो गई थी। कोलंबो मजिस्ट्रेट अदालत को यह जानकारी दी गई। ईस्टर के दिन तीन गिरजाघरों और तीन लग्जरी होटलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में 250 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

कुल नौ आतंकियों ने श्रीलंका ही नहीं, पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इन हमलावरों में कानून में स्नातक की पढ़ाई करने वाला 22 वर्षीय अलाउद्दीन अहमद मुथ भी शामिल था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुथ के 59 वर्षीय पिता अहमद लेबे अलाउद्दीन ने चीफ मजिस्ट्रेट जयरत्ने को बताया कि हमलावर उसके पांच बच्चों में से चौथा था।

वह आगे की पढ़ाई के लिए ‘कोलंबो लॉ कॉलेज’ में दाखिला लेने वाला था। उन्होंने न्यायाधीश को बताया कि मुथ की 14 महीने पहले शादी हुई थी और उसकी पत्नी ने पांच मई को अपनी पहली संतान को जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को उन्होंने आखिरी बार 14 अप्रैल को देखा था।

अलाउद्दीन ने अदालत को सूचित किया कि उसने अपने बेटे की लाश को उसके सिर के अवशेषों से पहचाना। उन्होंने कहा कि उन्होंने हर महीने अपने बेटे के खर्च के लिए 30,000 रुपए भेजने की व्यवस्था की थी। मुथ के एक भाई के ससुराल वालों ने कहा कि उसने अपनी एक बहन के पति को एक नोट लिखा था, जिसमें लिखा था- मुझे तलाश करने की कोशिश मत करना, मैं इसके बाद नहीं लौटूंगा।

माता-पिता की अच्छी तरह से देखभाल करना और मेरे लिए प्रार्थना करना। यह नोट उसकी मौत के बाद ही मिला।