बीजिंग। चीन के विरोध और आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की तिब्बत वापसी की मांग को लेकर एक तिब्बती युवक ने आत्मदाह कर लिया। यह घटना बीते रविवार को तिब्बत के सिचुआन प्रांत के नगाबा काउंटी में घटी। आत्मदाह से पहले 23 वर्षीय दोरबे ने दलाई लामा की लंबी उम्र की कामना की।

तिब्बत में चीन के बढ़ते अत्याचार और दलाई लामा की वापसी को लेकर वर्ष 2009 से अब तक 154 तिब्बती लोग आत्मदाह कर चुके हैं। तिब्बतियों और भिक्षुओं का आत्मदाह करने का मकसद तिब्बत में चीन की दमनकारी नीतियों की तरफ विश्व का ध्यान आकर्षित करना है।

वर्ष 1950 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने तिब्बत पर हमला कर उसे अपने कब्जे में ले लिया था। इस हमले का तिब्बतियों ने जमकर विरोध किया था लेकिन वे चीनी सेना के सामने बेबस हो गए। समय के साथ तिब्बतियों पर चीन का शिकंजा कसता चला गया। दलाई लामा वर्ष 1959 में तिब्बत से भागकर भारत आ गए थे। इस घटना ने भारत और चीन के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया था।