फ्लोरिडा। 2 साल की मासूम ज़ैनब मुगल एक ऐसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है जिससे बचने के लिए उसे दुनिया के सबसे रेयर ब्लड ग्रुप की जरूरत है। ऐसे रेयर ब्लड ग्रुप की खोज पूरी दुनिया में चल रही है।

जानकारी के मुताबिक 2 साल की जैनब का ब्लड दुनिया के कुछ रेयरेस्ट ब्लड ग्रुप में से एक है। 2 साल की जैनब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रही है। इससे जीतने के लिए उसे करीब 7 से 10 लोगों के ब्लड की जरूरत है, जो की बहुत रेयर है और अभी तक मिल नहीं पाया है।

सिर्फ इन तीन देशों में हो सकते हैं रेयर डोनर

एक्सपर्ट की माने तो पाकिस्तानी, हिंदुस्तानी और ईरानी मूल के लोगों का ही ब्लड जैनब के ब्लड ग्रुप से मैच हो सकता है। साउथ फ्लोरिडा का एक एनजीओ 'वन ब्लड' दुनिया भर में मासूम के लिए इन ब्लड ग्रुप के लोगों की तलाश कर रहा है। एक्सपर्ट के अनुसार इस पापुलेशन के केवल 4% लोग ही ऐसे हैं जिनका ब्लड जैनब के ब्लड से मैच हो सकता है।

यूएस में खोज रहे हैं ऐसे रेयर डोनर

'वन ब्लड' की लैब मैनेजर फ्रेडा ब्राइट के अनुसार इस तरीके का ब्लड ग्रुप मिलने के बहुत ही कम चांसेस हैं। उन्होंने आगे कहा कि बच्ची को बचाने की वे पूरी कोशिश कर रहे हैं इसलिए उनकी टीम इस रेयर ब्लड ग्रुप वाले लोगों को तलाश रही है। वह मुख्यता इस मूल के लोगों को यूएस में खोज रहे हैं।

चाहिए ये खास ब्लड

किसी व्यक्ति के ब्लड ग्रुप की पहचान एंटीजन से होती है। जैनब के ब्लड ग्रुप में इंडियन बी नाम का एंटीजन नहीं है। उसकी बॉडी ऐसे किसी भी ब्लड को खा जाएगी जो उससे चढ़ाया जायेगा। इसीलिए डोनर में भी इसी एंटीजन का मिसिंग होना जरूरी है और साथ ही यह ब्लड ग्रुप 'ए' या 'ओ' होना चाहिए।

अब तक मिले हैं सिर्फ 3 डोनर

रेयर डोनर प्रोग्राम के सांद्र नैन्स सीनियर डायरेक्टर ऑफ अमेरिकन का कहना है कि ऐसे डोनर बहुत ही रेयर होते हैं और बहुत ही मुश्किल से मिलते हैं। नैन्स कहते हैं कि प्रोग्राम के द्वारा 15 रेयर ब्लड ग्रुप पहचाने गए हैं। जबकि, प्रोग्राम के जरिए 120000 डोनर को रजिस्टर्ड किया गया हैं। चिंता की बात ये है कि प्रोग्रम में रजिस्टर्ड US डाटाबेस में से किसी का भी ब्लड जैनब के ब्लड से मैच नहीं हुआ। व'न ब्लड' एनजीओ का कहना है कि जब से इस ब्लड की खोज शुरू की गई है तब से सिर्फ दो डोनर यूएस में और एक कंपार्टेबल डोनर यूके में मिला है।

जैनब की फैमिली ने शेयर किया है एक वीडियो

वन ब्लड द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में जैनब के पिता रहील मुगल ने भगवान का शुक्र अदा किया है कि इन 3 लोगों की वजह से कम से कम जैनब का इलाज शुरू हो सका है। लेकिन आगे और ब्लड की जरूरत पड़ेगी। बच्ची के परिवार ने वन ब्लड के साथ मिलकर वीडियो बनाया है ताकि वह अपनी कहानी को दुनिया तक पहुंचा सके और लोगों से मदद मांग सके।

इस बीमारी लड़ रही है मासूम जैनब

जैनब को न्यूरोब्लास्टोमा नाम का कैंसर है, जो कि उसके नर्व सेल में है जिसके लिए कीमोथेरेपी की जरूरत है। एक्सपर्ट का कहना है कि कैंसर से लड़ने के लिए ब्लड डोनर्स का सपोर्ट बहुत जरूरी है।