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    युद्धक विमानों के इंजन की टेक्‍नोलॉजी में चीन है कमजोर

    Published: Sat, 30 Jan 2016 12:06 PM (IST) | Updated: Sat, 30 Jan 2016 12:09 PM (IST)
    By: Editorial Team
    chinaplane 30 01 2016

    सिंगापुर। चीन में पिछले 30 वर्षों में एक शक्तिशाली सैन्य मशीन का निर्माण किया है। मगर, उसके लड़ाकू विमान, पश्चिमी सेनाओं के लड़ाकू‍ विमान की बराबरी के नहीं है। इसके लिए उसे उन्नत इंजनों को विकसित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह बात विदेशी और चीनी उद्योग के सूत्रों ने कही।


    लंदन में इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट फॉर स्‍ट्रैटजिक स्‍टडीज में मिलिट्री एयरोस्पेस के सीनियर फैलो डगलस बैरी ने कहा कि चीन की इंजन प्रौद्योगिकी यूनाइटेड टेक्नोलॉजीज यूनटि प्रैट एंड व्हिटनी, जनरल इलेक्ट्रिक और रोल्स रॉयस के मुकाबले कमजोर है।

    चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीनी और कुछ विकसित देशों की सैन्य प्रौद्योगिकी के बीच एक बड़ा अंतर है। मंत्रालय ने कहा कि वह अपनी सेना को मजबूत बनाना जारी रखेगा।

    चीन को हथियारों के निर्यात पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंध के तहत सैन्‍य उपयोग के लिए पश्चिमी देशों के इंजन की बिक्री चीन को करने पर रोक है। ऐसे में चीन को देसी डिजाइन या रूस जिन इंजनों को बेचने के लिए सहमत हो गया है, उन पर निर्भर रहने को मजबूर है।

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