कुआलालंपुर। जांचकर्ताओं ने रविवार को लापता मलेशियाई विमान के एक पायलट के घर पर मिले फ्लाइट सिम्यूलेटर (कृत्रिम रूप से विमान की उड़ान को फिर से दिखाने वाला यंत्र) की जांच की। उन्होंने कॉकपिट में बैठे उन लोगों को लेकर अपनी जांच केंद्रित कर दी है जिन्हें विमान को रडार से बचा सकने के बारे में जानकारी थी। इस विमान में 239 लोग सवार थे।

मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने कहा था कि विमान में सवार किसी व्यक्ति ने जान बूझकर विमान को अपने रास्ते से मोड़ा था। इसके बाद लापता विमान के पायलट कैप्टन जहारी अहमद शाह के घर की तलाशी ली गई थी।

मलेशिया के परिवहन मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी बयान में कहा गया है, "अधिकारियों ने पायलट के परिवार वालों से बात की है। विशेषज्ञ पायलट के फ्लाइट सिम्यूलेटर की जांच कर रहे हैं। 15 मार्च को पुलिस ने सह पायलट के घर की भी तलाशी ली।"

53 वर्षीय कैप्टन जहारी को 18365 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था। कहा जा रहा है कि वह फ्लाइट इंस्ट्रक्टर भी हैं। आठ मार्च को विमान के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद से ही वह चर्चा में हैं। उनके घर पर सिम्यूलेटर मिलने पर इसे लेकर मीडिया में सवाल उठाए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस पायलटों की निजी, राजनीतिक और धार्मिक पृष्ठभूमि की जांच कर रही है। विमान की पिछले नौ दिनों से तलाश की जा रही है। जहारी और 27 वर्षीय सह पायलट फारिक अब्दुल हमीद विमान के 12 सदस्यीय चालक दल में शामिल थे। इसमें 227 यात्री सवार थे। विमान ने आठ मार्च को कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी और इसके एक घंटे बाद इससे संपर्क टूट गया था।