पेशावर। प्रतिबंधित आंतकी समूह जमात-उद-दावा ने पेशावर में इजराइल के विरोध और फिलीस्तीन के समर्थन में एकता फिलीस्तीन कारवां के नाम से रैली निकाली। रैली में अत्याधुनिक हथियारों से लैस बड़ी संख्या में आतंकी सरगना और उनके समर्थक शामिल थे।

पीएम अब्बासी को बताया गूंगा, बहरा और अंधा-

गौरतलब है पाकिस्तान ने स्वतंत्र फिलीस्तीन की स्थापना के प्रस्ताव को पूरा समर्थन किया है। पाकिस्तान ने इजरायल, अमेरिका और भारत के विरोध के लिए आतंकी समूहों को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति दे रखी है।

पाकिस्तानी जमीन पर स्वतंत्र रुप से रहने वाले जमात-उद-दावा नेता अब्दुल रहमान मक्की ने हाल ही में फैसलाबाद में 'दीफा-ए-उम्मत' के नाम से एक सम्मेलन आयोजित किया था जहां उसने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खक्कान अब्बासी को गूंगा, बहरा और अंधा करार दिया था।

पीएमएल(एन) का हो चुका है पर्दाफाश-

मक्की ने खुले तौर पर कहा था कि अब्बासी और शरीफ को देश छोड़ कर चले जाना चाहिए ताकि जमात-उद-दावा सही तरीके से देश का संचालन कर सके। अपने संबोधन में मक्की ने कहा, पीएमएल (एन) पार्टी पूरी तरह से नंगी हो चुकी है और इसकी राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है।

पीएमएल को अब यहां से जाना होगा। पार्टी ने अमेरिका के समर्थन से अफगानिस्तान युद्ध और दूसरे युद्ध को अंजाम दिया। खत्म-ए-नबुअत पर हमला करके पाकिस्तान ने भारत की ताकत को स्वीकार कर लिया है। कश्मीरियों के साथ देशद्रोह कर मोहम्मद हाफिज सईद को अपने ही देश में कैद कर लिया।

जमात-उद-दावा ने पाक राजनीति को दी खुली चुनौती-

बताया जाता है कि, जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद ने दावा किया है कि उसका समूह एक चैरिटेबल समूह है लेकिन इसके नेता धार्मिक नफरत फैला रहे हैं।

हालांकि पाकिस्तान सरकार और इसकी सुरक्षा एजेंसियां हमेशा से संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा है। जिसके बाद उसने देश में राजनीतिक और सुरक्षा क्षेत्र को खुली चुनौती दी है।