संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया पर अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के हमले की निंदा का रूसी प्रस्ताव विचार के लिए स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर सका। रूसी प्रस्ताव को समर्थन के लिए आवश्यक नौ सदस्य नहीं मिले, इसके परिणामस्वरूप वह प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही गिर गया।

प्रस्ताव को रूस के अतिरिक्त सिर्फ चीन और बोलीविया का ही समर्थन मिल सका। आठ देशों ने प्रस्ताव पर विरोध जताया, जबकि चार सदस्य अनुपस्थित रहे।

15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में किसी भी प्रस्ताव के पारित होने के लिए उसे नौ सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। साथ ही वीटो अधिकार वाले स्थायी सदस्यों- अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन का भी विरोध नहीं होना चाहिए।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने साफ किया कि सीरिया में अगर दोबारा रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ तो अमेरिका और मित्र देश फिर से उस पर कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।