नई दिल्ली। क्या अब चीन ने भी मसूद अजहर के मामले में भारत का साथ देने का फैसला कर लिया है? यह संकेत भारत में चीन का राजदूत लिउ झाहुई ने दिए हैं। उन्होंने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का मसला हल कर लिया जाएगा। राजदूत के मुताबिक, यह एक टेक्निकल होल्ड है, यानी यह समय सलाह-मशविरे का है। मुझ पर विश्वास कीजिए यह मुद्दा हल हो जाएगा।

राजदूत ने होली मिलन समारोह पर कहा, हम मसूद अजहर का पूरा मामले जानते हैं और भारत की चिंताओं को भी समझते हैं। उम्मीद है इसका हल निकल जाएगा।

मालूम हो, बीती 14 मार्च को चीन उस समय एक बार फिर आतंकी अजहर के लिए सुरक्षा कवच बनकर आगे आया था, जब उसने यूएन में अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित होने ने से बचा लिया था।

यह चौथा मौका है जब चीन ने आतंकी अजहर मसूद को वैश्विक आतंकी होने से बचाया था। चीन के वीटो के बाद यह साफ हो गया कि मसूद अजहर अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित नहीं होगा। और यूएन में मसूद अजहर के खिलाफ प्रस्ताव रद्द कर दिया था।

भारत में चीन के खिलाफ गुस्सा

मौलाना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव का जिस तरह चीन ने विरोध किया है उससे भारत में चीन के खिलाफ एक बड़ा माहौल बनता दिख रहा है। आम नागरिकों के मन में तो चीन के इस रवैये के खिलाफ गुस्सा है ही, फिल्म उद्योग से लेकर उद्योग जगत की ओर से भी चीन के बाजार और उसके उत्पादों का बहिष्कार करने की बातें सामने आने लगी हैं।

सोशल मीडिया पर भी चीनी उत्पादों के विरोध की जबर्दस्त चर्चा है। भारत में ट्विटर पर गुरुवार को दिनभर 'बायकॉट चाइनीज प्रोडक्ट' का हैशटैग ट्रेंड करता रहा। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी इस तरह के विरोध का समर्थन किया है।