मल्टीमीडिया डेस्क। वैदिक धर्म में तो शुरू से कहा जाता रहा है, जहां स्त्रियों की पूजा होती है, वहां देवता बसते हैं और सुख-समृद्धि होती है। वहीं, जहां स्त्रियों का सम्मान नहीं होता है, झगड़ा होता है, वहां बीमारियां और आर्थिक कमी होती है। अब विज्ञान ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिश एनल्स ऑफ बिहेवियरल मेडिसिन की एक रिसर्च रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।रिपोर्ट में लिखा गया है कि अगर गठिया और डायबिटीज के पेशेंट्स अपने पार्टनर के साथ झगड़ते हैं या बार-बार गुस्सा करते हैं तो इससे उनकी ये समस्या और बढ़ने लगती है।

जाहिर है बीमारी होने या बढ़ने पर पैसों का खर्च भी अधिक होगा और झगड़े के साथ शुरू हुई बात शारीरिक, आर्थिक समस्या के साथ ही सुख-समृद्धि पर भी असर डालेगी।

इस रिसर्च को करने के लिए गठिया के 145 बुजुर्ग पेशेंट्स और डायबिटीज के 129 बुजुर्ग पेशेंट्स के दो अलग-अलग ग्रुप बनाए गए। इसमें इन पेशेंट्स के लाइफ पार्टनर को भी शामिल किया गया। इसमें रिसर्चर्स ने यह पाया कि जो मरीज अपने साथी के साथ लड़ते-झगड़ते थे, उनकी बीमारी काफी गंभीर होती जा रही थी।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिस दिन मरीज अपने जीवनसाथी को लेकर तनाव में होते थे, उस दिन उनका मूड खराब रहता था और उनमें रोग के लक्षण की गंभीरता भी बढ़ जाती थी। इससे यह साबित हुआ कि पार्टनर के साथ टेंशन और गुस्सा करना गठिया और डायबिटीज की समस्या को बढ़ा सकता है। वहीं, जिन लोगों के पार्टनर के साथ मधुर संबंध रहते हैं, उनकी बीमारी बढ़ती नहीं है।

शोध के सह-लेखक व अमेरिका स्थित पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर लीन मार्टायर ने कहा कि शोध के नतीजों से हमें यह जानने को मिला कि शादी से किस प्रकार स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खासतौर से गठिया और मधुमेह जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों को यह जानना आवश्यक है।