काठमांडू। नेपाल में दो दिन में पर्वतारोहण के दौरान चार भारतीयों की मौत हो गई और एक लापता है। जान गंवाने वालों में भारतीय सेना के जवान रवि ठक्कर (28) भी शामिल हैं। वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने के बाद नीचे उतर रहे थे। उन्हें शुक्रवार सुबह कैंप-4 में अपने टेंट में मृत पाया गया।

इसी कैंप में गुरुवार रात को दुनिया की पांचवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मकालू की सफल चढ़ाई के बाद नीचे लौट रहे भारतीय पर्वतारोही नारायण सिंह की मौत हो गई थी। इसी चोटी से उतर रहे कोलकाता के एक अन्य पर्वतारोही दीपांकर घोष (52) लापता हैं। 8,485 मीटर ऊंची मकालू चोटी नेपाल और तिब्बत की सीमा के बीच माउंट एवरेस्ट से 19 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है।

इससे पहले बुधवार शाम को माउंट कंचनजंगा (8,586 मीटर) की चढ़ाई के दौरान दो भारतीयों बिप्लब बैद्य (48) और कुंतल करार (46) की मौत हो गई थी। अधिकारियों का कहना है कि पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने वाले ये दोनों भारतीय अधिक ऊंचाई पर बने दबाव को झेल नहीं पाने के कारण बीमार हो गए थे।

दुनिया की इस तीसरी सबसे ऊंची चोटी की चढ़ाई कर रहा चिली का एक पर्वतारोही भी बुधवार से लापता है। नेपाल में हर साल मार्च से जून के बीच दुनियाभर से सैकड़ों पर्वतारोही माउंट एवरेस्ट और अन्य चोटियों की चढ़ाई के लिए आते हैं।

चढ़ाई के दौरान अत्यधिक ठंड सहन नहीं कर पाने के कारण कई पर्वतारोहियों की मौत हो जाती है। माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान अब तक करीब 296 लोगों की मौत हो चुकी है।