दुबई। ग्लोबल इकोनॉमी इस वर्ष के अंत से लेकर अगले वर्ष की शुरुआत तक आर्थिक मंदी की चपेट में आ सकती है। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री पॉल क्रुगमैन ने वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान यह चेतावनी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनियाभर के आर्थिक नीति नियंताओं में इस संभावित जोखिम के प्रति कोई पूर्व तैयारी नजर नहीं आ रही है।

क्रुगमैन ने शिखर सम्मेलन में स्पष्ट कहा कि कोई एक अकेला बड़ा कारक वैश्विक आर्थिक मंदी का वाहक नहीं हो सकता है। लेकिन, ऐसे कई छोटे-बड़े आर्थिक कारक होंगे, जो मिलकर इस वर्ष के आखिर या अगले वर्ष की शुरुआत तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर धकेल देंगे। क्रुगमैन ने कहा, "मेरा मानना है कि इस साल के अंत तक या अगले साल मंदी आने की पूरी आशंका है।"

कोई सुरक्षा तंत्र नहीं

क्रुगमैन ने कहा कि दुनियाभर में केंद्रीय बैंकों के पास बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए साधनों की अक्सर कमी रहती है। जोखिम का सामना के लिए हमारी तैयारी बहुत कम है। उन्होंने कहा कि हम ऐसी जगह पहुंच गए हैं जहां हमारा सारा ध्यान ट्रेड वॉर और संरक्षणवाद पर अटक गया है।

इस वजह से हम जमीनी प्राथमिकताओं और ऐसी तैयारियों से दूर हो रहे हैं। मशहूर जहाज टाइटैनिक के डूबने का हवाला देते हुए क्रुगमैन ने कहा कि बर्फ का वह विशाल पहाड़ अभी तक हमारे सामने आया नहीं है। मगर, अगर हम उससे टकरा ही गए, तो मैं पूरे दावे के साथ कह सकता हूं कि हम डूब जाएंगे।

वेतन वृद्धि करीब-करीब ठहर चुकी है, असमानता लगातार बढ़ रही है और वैश्विक कारोबारी दिग्गजों में विश्वास में कमी स्पष्ट झलक रही है। लेकिन इन परिस्थितियों से उबरने की जहां भी चर्चा हो रही है, वहां दिग्गजों में एकमतता का अभाव दिख रहा है।

मशीनों के इस्तेमाल से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मशीनों के बढ़ते प्रयोग से जहां नौकरियां छिनने का दावा किया जा रहा है, वहीं आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) की रिपोर्ट में इससे इतर बात सामने आई है। वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान जारी रिपोर्ट में बताया गया कि 2022 तक मानव और मशीन के गठजोड़ से 13.3 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी। इसी दौरान 7.5 करोड़ नौकरियां खत्म होने की बात भी कही गई है।

ओईसीडी ने टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलाव के पीछे छिपे अवसरों को भुनाने के लिए दुनियाभर की सरकारों और संस्थाओं से साथ आने की अपील की। टेक्नोलॅाजी का इस्तेमाल गरीबी हटाने, असमानता खत्म करने, भेदभाव मिटाने और सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में किया जा सकता है।

ओईसीडी के महासचिव जोस एंजेल गुरिया ने दुबई में सातवें वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट (डब्ल्यूजीएस 2019) के दौरान एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न राष्ट्रों को डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग समानता लाने में करना चाहिए। उन्होंने सरकारों को उन लोगों पर भी ध्यान देने को कहा जो डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ कदम मिलाकर नहीं चल सकते।