वाशिंगटन। तहव्वुर राणा को जल्द अमेरिका से भारत में प्रत्यर्पण कराया जा सकता है। वह साल 2008 में मुंबई में आतंकी हमले कराने में शामिल था, जिसमें अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी। सूत्रों के मुताबिक हमले की साजिश के मामले में अमेरिका में 14 साल की सजा काट रहे तहव्वुर राणा को भारत भेजे जाने की ‘प्रबल संभावना' है। ट्रम्प प्रशासन के साथ भारतीय सरकार उसके प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है।

राणा की जेल की सजा दिसंबर 2021 में पूरी होने वाली है। उसे मुम्बई में 26 नवंबर को हुए हमले की साजिश रचने के मामले में 2009 में गिरफ्तार किया गया था और 2013 में 14 साल की सजा सुनाई गई थी। बताते चलें कि लश्कर-ए-तैयबा के 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई में हमला कर पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था।

पुलिस ने नौ आतंकवादियों को मौके पर मार गिराया था और जिंदा गिरफ्तार किए गए आतंकवादी अजमल कसाब को बाद में फांसी दी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, राणा को प्रत्यर्पित करने के लिए भारत 26/11 हमलों का हवाला नहीं दे सकता क्योंकि अमेरिका में एक ही अपराध के लिए दो बार सजा नहीं दी जा सकती। ऐसे में पहले ही अमेरिका में जेल की सजा काट चुके राणा को भारत लाना मुश्किल हो जाएगा।

लिहाजा, राणा के दूसरे अपराधों को आधार बनाकर भारत प्रत्यर्पण की अपील कर सकता है। बताया जा रहा है कि राणा पर नई दिल्ली स्थित नेशनल डिफेंस कॉलेज और चाबड़ हाउसेज पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। इसके अलावा उस पर धोखाधड़ी का भी एक केस दर्ज है। इन्हीं मामलों को अधिकारियों के सामने रखकर भारत राणा को भारत लाने की कोशिश करेगा।

पाकिस्तान में पला राणा

पाकिस्तान में पला-बढ़ा तहव्वुर हुसैन राणा चिकित्सा की डिग्री लेने के बाद पाकिस्तान सेना के मेडिकल कोर से जुड़ गया था। उसने अपनी पत्नी के साथ साल 2001 में कनाडा की नागरिकता ले ली थी। उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं। वर्ष 2009 में गिरफ्तारी से पहले राणा शिकागो शहर में रह रहा था। वह ट्रैवल एजेंसी समेत कई व्यवसायों से जुड़ा था।