लाहौर। शुक्रवार को पाकिस्तान पहुंचे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम को एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया और सीधे जेल ले जाया गया। इनको अदियाला जेल में रखा गया है। यहां दोनों को बी क्लास की सुविधाएं दी गईं हैं। जेल पहुंचने के बाद दोनों का मेडिकल चेकअप हुआ और डॉक्टरों ने उन्हे फिट घोषित किया।

नियमों के अनुसार जेल में बी क्लास सुविधाएं उन लोगों को दी जाती हैं जिनका सामाजिक स्टेटस होता है। जेल में ए और बी क्लास के कैदी पढ़े लिखे होते हैं और सी क्लास के कैदियों को शिक्षा देने का काम करते हैं। नवाज को उनकी बैरक में एक कोट, एक कुर्सी, बिजली ना होने की स्थिति में एक कंदिल के अलावा साफ सफाई के लिए जरूरी सामान दिया गया है।

इसके अलावा जेल प्रशासन की मंजूरी के बाद कैदी अपनी बैरक में टीवी, एयर कंडिशनर, फ्रीज और अखबार का उपयोग कर सकते हैं लेकिन लिए उन्हें स्वयं को पैसा चुकाना पड़ता है।

पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री से देश के सत्ता के शिखर तक पहुंचे नवाज अब जेल तक पहुंचे हैं। जानिए उनके इस सफर के बारे में

नवाज शरीफ (68)

1949- लाहौर के एक कारोबारी घराने में जन्म

चार अप्रैल, 2016- पनामा पेपर लीक मामले में इनके परिवार का भ्रष्टाचार सामने आया।

पांच अप्रैल 2016 - आरोपों से इन्कार करते हुए शरीफ ने जांच के लिए न्यायिक समिति का गठन किया।

26 अप्रैल 2016 - विपक्षी पार्टियों ने सरकार द्वारा गठित न्यायिक आयोग को खारिज किया।

एक नवंबर 2016 - सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ से संबंधित मामले पर सुनवाई का फैसला लिया।

सात नवंबर 2016 - पीएमएल-एन ने कतर के राजकुमार का पत्र सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जिसमें लंदन के उस फ्लैट की सूचना थी। यह पनामा पेपर्स घोटाले के केंद्र में था।

छह जनवरी 2017 - शरीफ की बेटी मरयम नवाज ने सुप्रीम कोर्ट में संपत्ति का ब्यौरा पेश किया।

20 अप्रैल 2017 - सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम गठित करने का आदेश दिया।

पांच मई 2017 - संयुक्त जांच दल गठित।

22 मई 2017 - संयुक्त जांच दल ने सुप्रीम कोर्ट में पहली रिपोर्ट पेश की।

10 जुलाई 2017 - संयुक्त जांच दल ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी।

28 जुलाई 2017 : सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने ध्वनिमत से शरीफ के खिलाफ फैसला सुनाया। उन्हें पद के अयोग्य ठहराया।

13 अप्रैल, 2018- सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ के राजनीतिक जीवन को प्रतिबंधित कर दिया।

छह जुलाई, 2018- नैब अदालत ने भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए इन्हें दस साल की सजा सुनाई।

12 जुलाई 2018 - शरीफ और मरयम लंदन से पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।

13 जुलाई 2018 - शरीफ और मरयम को लाहौर पहुंचते ही गिरफ्तार किया गया।