वाशिंगटन। अमेरिका के शीर्ष कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस ने चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना वन बेल्ट एंड वन रोड (ओबोर) पर संदेह जताते हुए कहा है कि चीन की यह महत्वाकांक्षी योजना आर्थिक से ज्यादा रणनीतिक महत्व की है।

हिद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर अमेरिकी संसद की एक समिति के समक्ष गुरुवार को उन्होंने कहा, "ओबोर वास्तव में आर्थिक युक्ति से आगे की परियोजना है जिस पर चीन काम कर रहा है। मेरे खयाल से यह अमेरिका और हमारे मित्र देशों को क्षेत्र से हटाने के लिए है।"

अमेरिका की प्रशांत कमान के कमांडर हैरिस ने कहा, यह परियोजना तब तक के लिए ठीक है जब तक आर्थिक नजरिये से चीनी आबादी की यूरोप, अफ्रीका और मध्य एशिया के बाजारों तक पहुंच की कोशिश होती है। यह चीन का क्षेत्र में अपने पैर जमाने का रणनीतिक प्रयास हो सकता है। उन ठिकानों और स्थानों पर गौर करने की जरूरत है जहां चीन जोर दे रहा है। वह होर्मुज जलडमरूमध्य, अदन की खाड़ी, स्वेज नहर और पनामा नहर के अलावा मलक्का में जहाजों की आवाजाही के मार्ग को प्रभावित करने की स्थिति में हैं। ये सभी स्थान ओबोर के दबाव में हैं।"

भारत ने सबसे पहले किया था विरोध-

भारत पहला देश है जिसने ओबोर का विरोध किया था। इसी परियोजना के तहत चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का निर्माण किया जाना है जो गुलाम कश्मीर से होकर गुजरेगा। ओबोर पर पिछले साल चीन में हुए सम्मेलन में भी भारत ने हिस्सा नहीं लिया था। भारत के बाद अमेरिका समेत कई अन्य देश भी ओबोर के विरोध में खुलकर सामने आए हैं।