जोहानिसबर्ग। गुप्ता बंधुओं के साथ अपने संबंधों को लेकर चर्चा में आए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा को आखिर अपना पद छोड़ना पड़ा, लेकिन उनका जीवन काफी विवादों से भरा हुआ है। बलात्कार और भ्रष्टाचार से लेकर उनके ऊपर सत्ता के दुरुपयोग तक के गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका की सत्ता और उससे पहले श्वेतों के खिलाफ संघर्ष में जैकब जुमा की अहम भूमिका रही है। लेकिन विवादों से भी उनका पुराना नाता रहा है। उन पर भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग से लेकर बलात्कार और गैर वैवाहिक संबंधों तक के आरोप लगे।

सबसे पहले उप राष्ट्रपति के तौर पर उनके किए 2.5 अरब डॉलर (16 हजार करोड़ रुपये) के रक्षा सौदे को लेकर उन पर अंगुलियां उठीं। बाद में वह उससे बरी हुए।

दोस्त की बेटी से बनाए थे संबंध-

इसके बाद उप राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उन पर दोस्त की एड्स पीड़ित बेटी के साथ बलात्कार का आरोप लगा। 2006 में वह उस आरोप से भी बरी हो गए। लेकिन बाद में उनके इस बयान की काफी निंदा हुई जिसमें उन्होंने कहा कि एड्स पीड़ित के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद वह अच्छी तरह नहाए थे जिससे एचआइवी का असर कम हो जाए।इस आरोप के चलते जुमा को तत्कालीन राष्ट्रपति थाओ एंबेकी ने पद से हटा दिया था।

घर की साज-सज्जा पर किए थे करोड़ों खर्च-

सन 2009 में जुमा जैसे ही राष्ट्रपति बने, उसके कुछ महीनों बाद उन्होंने कांडला स्थित अपने निजी घर की साज-सज्जा और तरणताल बनवाने के लिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च कर डाले। इसके बाद उनके खिलाफ विपक्ष की ओर से संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। हालांकि पार्टी अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के समर्थन के चलते जुमा बच गए थे।

2010 में जुमा को दोस्त इरविन खोजा की बेटी सोनोनो खोजा के साथ रिश्ते को लेकर पार्टी, परिवार और देश से माफी मांगनी पड़ी थी। पांचवीं बार शादी करने के बाद जुमा का यह रिश्ता सार्वजनिक हुआ था। 2012 में जुमा पर अश्वेत लोगों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करने का आरोप लगा। उन पर अश्वेतों की परंपराओं पर कटाक्ष करने की बातें कही गईं।

2013 में जुमा के करीबी भारतीय मूल के गुप्ता बंधुओं के परिवार में हुई शादी में रिश्तेदारों को लेकर आए चार्टर्ड प्लेन को वायुसेना अड्डे पर उतारने की अनुमति देने का आरोप लगा। इसके बाद 2015 में चार दिन के भीतर तीन वित्त मंत्री बदले जाने के जैकब जुमा के फैसले की भी भारी निंदा हुई। माना गया कि गुप्ता बंधुओं के इशारे पर वित्त मंत्री हटाए गए।

2016 में गुप्ता बंधुओं के साथ मिलकर देश के संसाधनों का फायदा उठाने के लिए चरणबद्ध तरीके से नियमों को बदलने के आरोप लगा। इसी के बाद जुमा की सत्ता से हटाने के दिनों की गिनती शुरू हो गई, जो 15 फरवरी को पूरी हुई।